इसलिये सबसे महान् भगवान् श्रीकृष्णकी ही अग्रपूजा होनी चाहिये। इनकी पूजा करनेसे समस्त प्राणियोंकी तथा अपनी भी पूजा हो जाती है॥ २३॥
तस्मात् कृष्णाय महते दीयतां परमार्हणम्।
एवं चेत् सर्वभूतानामात्मनश्चार्हणं भवेत्॥ २३
इसलिये सबसे महान् भगवान् श्रीकृष्णकी ही अग्रपूजा होनी चाहिये। इनकी पूजा करनेसे समस्त प्राणियोंकी तथा अपनी भी पूजा हो जाती है॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.74.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 593) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/74/23/