श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.69.33

दशम स्कन्ध · अध्याय 69 · अथैकोनसप्ततितमोऽध्यायः

प्रस्थापनोपानयनैरपत्यानां महोत्सवान्।

वीक्ष्य योगेश्‍वरेशस्य येषां लोका विसिस्मिरे॥ ३३

prasthāpanopānayanairapatyānāṃ mahotsavān|

vīkṣya yogeśvareśasya yeṣāṃ lokā visismire|| 33

अर्थ

कहीं घरसे कन्याओंको विदा कर रहे हैं, तो कहीं बुलानेकी तैयारीमें लगे हुए हैं। योगेश्‍वरेश्‍वर भगवान् श्रीकृष्णके इन विराट् उत्सवोंको देखकर सभी लोग विस्मित—चकित हो जाते थे॥ ३३॥

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