athāha pauṇḍrakaṃ śaurirbho bhoḥ pauṇḍraka yad bhavān|
dūtavākyena māmāha tānyastrāṇyutsṛjāmi te|| 19
अर्थ
अब भगवान् श्रीकृष्णने पौण्ड्रकसे कहा—‘रे पौण्ड्रक! तूने दूतके द्वारा कहलाया था कि मेरे चिह्न अस्त्र-शस्त्रादि छोड़ दो। सो अब मैं उन्हें तुझपर छोड़ रहा हूँ॥ १९॥
अथाह पौण्ड्रकं शौरिर्भो भोः पौण्ड्रक यद् भवान्।
दूतवाक्येन मामाह तान्यस्त्राण्युत्सृजामि ते॥ १९
अब भगवान् श्रीकृष्णने पौण्ड्रकसे कहा—‘रे पौण्ड्रक! तूने दूतके द्वारा कहलाया था कि मेरे चिह्न अस्त्र-शस्त्रादि छोड़ दो। सो अब मैं उन्हें तुझपर छोड़ रहा हूँ॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.66.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 548) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/66/19/