श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.59.37

दशम स्कन्ध · अध्याय 59 · अथैकोनषष्टितमोऽध्यायः

ऐरावतकुलेभांश्‍च चतुर्दन्तांस्तरस्विनः।

पाण्डुरांश्‍च चतुःषष्टिं प्रेषयामास केशवः॥ ३७

airāvatakulebhāṃśca caturdantāṃstarasvinaḥ|

pāṇḍurāṃśca catuḥṣaṣṭiṃ preṣayāmāsa keśavaḥ|| 37

अर्थ

ऐरावतके वंशमें उत्पन्‍न हुए अत्यन्त वेगवान् चार-चार दाँतोंवाले सफेद रंगके चौंसठ हाथी भी भगवान्‌ने वहाँसे द्वारका भेजे॥ ३७॥

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