श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.53.20

दशम स्कन्ध · अध्याय 53 · अथ त्रिपञ्चाशत्तमोऽध्यायः

श्रुत्वैतद् भगवान् रामो विपक्षीयनृपोद्यमम्।

कृष्णं चैकं गतं हर्तुं कन्यां कलहशंकितः॥ २०

śrutvaitad bhagavān rāmo vipakṣīyanṛpodyamam|

kṛṣṇaṃ caikaṃ gataṃ hartuṃ kanyāṃ kalahaśaṃkitaḥ|| 20

अर्थ

विपक्षी राजाओंकी इस तैयारीका पता भगवान् बलरामजीको लग गया और जब उन्होंने यह सुना कि भैया श्रीकृष्ण अकेले ही राजकुमारीका हरण करनेके लिये चले गये हैं, तब उन्हें वहाँ लड़ाई-झगड़ेकी बड़ी आशंका हुई॥ २०॥

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