इसके बाद वे मद चुआते हुए हाथियों, सोनेकी मालाओंसे सजाये हुए रथों, पैदलों तथा घुड़सवारोंकी चतुरंगिणी सेना साथ लेकर कुण्डिनपुर जा पहुँचे॥ १५॥
मदच्युद्भिर्गजानीकैः स्यन्दनैर्हेममालिभिः।
पत्त्यश्वसंकुलैः सैन्यैः परीतः कुण्डिनं ययौ॥ १५
इसके बाद वे मद चुआते हुए हाथियों, सोनेकी मालाओंसे सजाये हुए रथों, पैदलों तथा घुड़सवारोंकी चतुरंगिणी सेना साथ लेकर कुण्डिनपुर जा पहुँचे॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.53.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 468) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/53/15/