श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.44.7

दशम स्कन्ध · अध्याय 44 · अथ चतुश्‍चत्वारिंशोऽध्यायः

महानयं बताधर्म एषां राजसभासदाम्।

ये बलाबलवद्युद्धं राज्ञोऽन्विच्छन्ति पश्यतः॥ ७

mahānayaṃ batādharma eṣāṃ rājasabhāsadām|

ye balābalavadyuddhaṃ rājño'nvicchanti paśyataḥ|| 7

अर्थ

‘यहाँ राजा कंसके सभासद् बड़ा अन्याय और अधर्म कर रहे हैं। कितने खेदकी बात है कि राजाके सामने ही ये बली पहलवानों और निर्बल बालकोंके युद्धका अनुमोदन करते हैं॥ ७॥

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