श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.43.27

दशम स्कन्ध · अध्याय 43 · अथ त्रिचत्वारिंशोऽध्यायः

सप्ताहमेकहस्तेन धृतोऽद्रिप्रवरोऽमुना।

वर्षवाताशनिभ्यश्‍च परित्रातं च गोकुलम्॥ २७

saptāhamekahastena dhṛto'dripravaro'munā|

varṣavātāśanibhyaśca paritrātaṃ ca gokulam|| 27

अर्थ

इन्होंने सात दिनोंतक एक ही हाथपर गिरिराज गोवर्धनको उठाये रखा और उसके द्वारा आँधी-पानी तथा वज्रपातसे गोकुलको बचा लिया॥ २७॥

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