tebhya ācaṣṭa tat sarvaṃ yaduktaṃ yoganidrayā|| 29
अर्थ
वह रात्रि बीत जानेपर कंसने अपने मन्त्रियोंको बुलाया और योगमायाने जो कुछ कहा था, वह सब उन्हें कह सुनाया॥ २९॥
तस्यां रात्र्यां व्यतीतायां कंस आहूय मन्त्रिणः।
तेभ्य आचष्ट तत् सर्वं यदुक्तं योगनिद्रया॥ २९
वह रात्रि बीत जानेपर कंसने अपने मन्त्रियोंको बुलाया और योगमायाने जो कुछ कहा था, वह सब उन्हें कह सुनाया॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.4.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 148) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/4/29/