श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.39.33

दशम स्कन्ध · अध्याय 39 · अथैकोनचत्वारिंशोऽध्यायः

गोपास्तमन्वसज्जन्त नन्दाद्याः शकटैस्ततः।

आदायोपायनं भूरि कुम्भान् गोरससम्भृतान्॥ ३३

gopāstamanvasajjanta nandādyāḥ śakaṭaistataḥ|

ādāyopāyanaṃ bhūri kumbhān gorasasambhṛtān|| 33

अर्थ

नन्दबाबा आदि गोपोंने भी दूध, दही, मक्खन, घी आदिसे भरे मटके और भेंटकी बहुत-सी सामग्रियाँ ले लीं तथा वे छकड़ोंपर चढ़कर उनके पीछे-पीछे चले॥ ३३॥✎ 889

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #889 शब्दोंके बीचका स्थान: आऊँगा’यह → आऊँगा’ यह

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