॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.3.34
वर्षवातातपहिमघर्मकालगुणाननु ।
सहमानौ श्वासरोधविनिर्धूतमनोमलौ॥ ३४
varṣavātātapahimagharmakālaguṇānanu |
sahamānau śvāsarodhavinirdhūtamanomalau|| 34
अर्थ
तुम दोनोंने वर्षा, वायु, घाम, शीत, उष्ण आदि कालके विभिन्न गुणोंका सहन किया और प्राणायामके द्वारा अपने मनके मल धो डाले॥ ३४॥