श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.23.7

दशम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

गाश्‍चारयन्तावविदूर ओदनं

रामाच्युतौ वो लषतो बुभुक्षितौ।

तयोर्द्विजा ओदनमर्थिनोर्यदि

श्रद्धा च वो यच्छत धर्मवित्तमाः॥ ७

gāścārayantāvavidūra odanaṃ

rāmācyutau vo laṣato bubhukṣitau|

tayordvijā odanamarthinoryadi

śraddhā ca vo yacchata dharmavittamāḥ|| 7

अर्थ

भगवान् बलराम और श्रीकृष्ण गौएँ चराते हुए यहाँसे थोड़े ही दूरपर आये हुए हैं। उन्हें इस समय भूख लगी है और वे चाहते हैं कि आपलोग उन्हें थोड़ा-सा भात दे दें। ब्राह्मणो! आप धर्मका मर्म जानते हैं। यदि आपकी श्रद्धा हो, तो उन भोजनार्थियोंके लिये कुछ भात दे दीजिये॥ ७॥

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