श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.23.6

दशम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

हे भूमिदेवाः शृणुत कृष्णस्यादेशकारिणः।

प्राप्ताञ्जानीत भद्रं वो गोपान् नो रामचोदितान्॥ ६

he bhūmidevāḥ śṛṇuta kṛṣṇasyādeśakāriṇaḥ|

prāptāñjānīta bhadraṃ vo gopān no rāmacoditān|| 6

अर्थ

‘पृथ्वीके मूर्तिमान् देवता ब्राह्मणो! आपका कल्याण हो! आपसे निवेदन है कि हम व्रजके ग्वाले हैं। भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामकी आज्ञासे हम आपके पास आये हैं। आप हमारी बात सुनें॥ ६॥

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