‘पृथ्वीके मूर्तिमान् देवता ब्राह्मणो! आपका कल्याण हो! आपसे निवेदन है कि हम व्रजके ग्वाले हैं। भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामकी आज्ञासे हम आपके पास आये हैं। आप हमारी बात सुनें॥ ६॥
हे भूमिदेवाः शृणुत कृष्णस्यादेशकारिणः।
प्राप्ताञ्जानीत भद्रं वो गोपान् नो रामचोदितान्॥ ६
‘पृथ्वीके मूर्तिमान् देवता ब्राह्मणो! आपका कल्याण हो! आपसे निवेदन है कि हम व्रजके ग्वाले हैं। भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामकी आज्ञासे हम आपके पास आये हैं। आप हमारी बात सुनें॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.23.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 282) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/23/6/