श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.12.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

तदा घनच्छदा देवा भयाद्धाहेति चुक्रुशुः।

जहृषुर्ये च कंसाद्याः कौणपास्त्वघबान्धवाः॥ २९

tadā ghanacchadā devā bhayāddhāheti cukruśuḥ|

jahṛṣurye ca kaṃsādyāḥ kauṇapāstvaghabāndhavāḥ|| 29

अर्थ

उस समय बादलोंमें छिपे हुए देवता भयवश ‘हाय-हाय’ पुकार उठे और अघासुरके हितैषी कंस आदि राक्षस हर्ष प्रकट करने लगे॥ २९॥

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