॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.11.23
उत्थातव्यमितोऽस्माभिर्गोकुलस्य हितैषिभिः।
आयान्त्यत्र महोत्पाता बालानां नाशहेतवः॥ २३
utthātavyamito'smābhirgokulasya hitaiṣibhiḥ|
āyāntyatra mahotpātā bālānāṃ nāśahetavaḥ|| 23
अर्थ
‘भाइयो! अब यहाँ ऐसे बड़े-बड़े उत्पात होने लगे हैं, जो बच्चोंके लिये तो बहुत ही अनिष्टकारी हैं। इसलिये यदि हमलोग गोकुल और गोकुलवासियोंका भला चाहते हैं, तो हमें यहाँसे अपना डेरा-डंडा उठाकर कूच कर देना चाहिये॥ २३॥