श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.9.48

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

ततो युधिष्ठिरो गत्वा सहकृष्णो गजाह्वयम्।

पितरं सान्त्वयामास गान्धारीं च तपस्विनीम्॥ ४८

tato yudhiṣṭhiro gatvā sahakṛṣṇo gajāhvayam|

pitaraṃ sāntvayāmāsa gāndhārīṃ ca tapasvinīm|| 48

अर्थ

तदनन्तर भगवान् श्रीकृष्णके साथ युधिष्ठिर हस्तिनापुर चले आये और उन्होंने वहाँ अपने चाचा धृतराष्ट्र और तपस्विनी गान्धारीको ढाढस बँधाया॥ ४८॥✎ 74

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #74 शब्दोंके बीचका स्थान: ४५॥शौनकजी! → ४५॥ शौनकजी!

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