शौनकजी! युधिष्ठिरने उनके मृत शरीरकी अन्त्येष्टि क्रिया करायी और कुछ समयके लिये वे शोकमग्न हो गये॥ ४६॥✎ 74
तस्य निर्हरणादीनि सम्परेतस्य भार्गव।
युधिष्ठिरः कारयित्वा मुहूर्तं दुःखितोऽभवत्॥ ४६
शौनकजी! युधिष्ठिरने उनके मृत शरीरकी अन्त्येष्टि क्रिया करायी और कुछ समयके लिये वे शोकमग्न हो गये॥ ४६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.9.46 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 125) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/9/46/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)