सूतजी कहते हैं—भक्तवत्सल भगवान् श्रीकृष्ण उसकी बात सुनते ही जान गये कि अश्वत्थामाने पाण्डवोंके वंशको निर्बीज करनेके लिये ब्रह्मास्त्रका प्रयोग किया है॥ ११॥
उपधार्य वचस्तस्या भगवान् भक्तवत्सलः।
अपाण्डवमिदं कर्तुं द्रौणेरस्त्रमबुध्यत॥ ११
सूतजी कहते हैं—भक्तवत्सल भगवान् श्रीकृष्ण उसकी बात सुनते ही जान गये कि अश्वत्थामाने पाण्डवोंके वंशको निर्बीज करनेके लिये ब्रह्मास्त्रका प्रयोग किया है॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.8.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 114) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/8/11/