व्यासजीके द्वारा ऋक्, यजुः, साम और अथर्व—इन चार वेदोंका उद्धार (पृथक्करण) हुआ। इतिहास और पुराणोंको पाँचवाँ वेद कहा जाता है॥ २०॥
ऋग्यजुःसामाथर्वाख्या वेदाश्चत्वार उद्धृताः।
इतिहासपुराणं च पञ्चमो वेद उच्यते॥ २०
व्यासजीके द्वारा ऋक्, यजुः, साम और अथर्व—इन चार वेदोंका उद्धार (पृथक्करण) हुआ। इतिहास और पुराणोंको पाँचवाँ वेद कहा जाता है॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.4.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 95) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/4/20/