श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.17.35

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

सूत उवाच

परीक्षितैवमादिष्टः स कलिर्जातवेपथुः।

तमुद्यतासिमाहेदं दण्डपाणिमिवोद्यतम्॥ ३५

parīkṣitaivamādiṣṭaḥ sa kalirjātavepathuḥ|

tamudyatāsimāhedaṃ daṇḍapāṇimivodyatam|| 35

अर्थ

सूतजी कहते हैं—परीक्षित‍्की यह आज्ञा सुनकर कलियुग सिहर उठा। यमराजके समान मारनेके लिये उद्यत, हाथमें तलवार लिये हुए परीक्षित‍्से वह बोला—॥ ३५॥

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