इसके आगे जो समय आनेवाला है, वह प्रायः मनुष्योंके गुणोंको घटानेवाला होगा; इसलिये आप अपने कुटुम्बियोंसे छिपकर उत्तराखण्डमें चले जाइये’॥ २७॥✎ 8990
अथोदीचीं दिशं यातु स्वैरज्ञातगतिर्भवान्।
इतोऽर्वाक्प्रायशः कालः पुंसां गुणविकर्षणः॥ २७
इसके आगे जो समय आनेवाला है, वह प्रायः मनुष्योंके गुणोंको घटानेवाला होगा; इसलिये आप अपने कुटुम्बियोंसे छिपकर उत्तराखण्डमें चले जाइये’॥ २७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.13.27 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 142) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/13/27/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)