यह उशीनरनरेश शिबिके समान दाता और शरणागतवत्सल होगा तथा याज्ञिकोंमें दुष्यन्तके पुत्र भरतके समान अपने वंशका यश फैलायेगा॥ २०॥✎ 86
एष दाता शरण्यश्च यथा ह्यौशीनरः शिबिः।
यशो वितनिता स्वानां दौष्यन्तिरिव यज्वनाम्॥ २०
यह उशीनरनरेश शिबिके समान दाता और शरणागतवत्सल होगा तथा याज्ञिकोंमें दुष्यन्तके पुत्र भरतके समान अपने वंशका यश फैलायेगा॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.12.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 137) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/12/20/