श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.19

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

ब्राह्मणा ऊचुः

पार्थ प्रजाविता साक्षादिक्ष्वाकुरिव मानवः।

ब्रह्मण्यः सत्यसंधश्‍च रामो दाशरथिर्यथा॥ १९

pārtha prajāvitā sākṣādikṣvākuriva mānavaḥ|

brahmaṇyaḥ satyasaṃdhaśca rāmo dāśarathiryathā|| 19

अर्थ

ब्राह्मणोंने कहा—धर्मराज! यह मनुपुत्र इक्ष्वाकुके समान अपनी प्रजाका पालन करेगा तथा दशरथनन्दन भगवान् श्रीरामके समान ब्राह्मणभक्त और सत्यप्रतिज्ञ होगा॥ १९॥✎ 86

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #86 शब्दोंके बीचका स्थान: होगा॥१९॥ → होगा॥ १९॥

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