श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.11.24

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

राजमार्गं गते कृष्णे द्वारकायाः९ कुलस्त्रियः।

हर्म्याण्यारुरुहुर्विप्र तदीक्षणमहोत्सवाः॥ २४

rājamārgaṃ gate kṛṣṇe dvārakāyāḥ kulastriyaḥ|

harmyāṇyāruruhurvipra tadīkṣaṇamahotsavāḥ|| 24

अर्थ

शौनकजी! जिस समय भगवान् राजमार्गसे जा रहे थे, उस समय द्वारकाकी कुल-कामिनियाँ भगवान्‌के दर्शनको ही परमानन्द मानकर अपनी-अपनी अटारियोंपर चढ़ गयीं॥ २४॥✎ 82

टिप्पणियाँ

  1. ९

    प्रा० पा०—द्वारकायां।

    (मुद्रित पृष्ठ 132)
इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #82 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की

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