श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.60

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

सूत उवाच

उद्धव उवाच

राजंश्‍चिन्ता तु ते कापि नैव कार्या कथंचन।

तवैव भगवच्छास्त्रे यतो मुख्याधिकारिता॥ ६०

rājaṃścintā tu te kāpi naiva kāryā kathaṃcana|

tavaiva bhagavacchāstre yato mukhyādhikāritā|| 60

अर्थ

उद्धवजीने कहा—राजन्! तुम्हें तो किसी भी बातके लिये किसी प्रकार भी चिन्ता नहीं करनी चाहिये; क्योंकि इस भागवतशास्त्रके प्रधान अधिकारी तो तुम्हीं हो॥ ६०॥

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