श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.54

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

उद्धव उवाच

श्रीकृष्णेन परित्यक्ते भूतले बलवान् कलिः।

करिष्यति परं विघ्नं सत्कार्ये समुपस्थिते॥ ५४

śrīkṛṣṇena parityakte bhūtale balavān kaliḥ|

kariṣyati paraṃ vighnaṃ satkārye samupasthite|| 54

अर्थ

उद्धवजीने कहा—राजन्! भगवान् श्रीकृष्णने जबसे इस पृथ्वीतलका परित्याग कर दिया है, तबसे यहाँ अत्यन्त बलवान् कलियुगका प्रभुत्व हो गया है। जिस समय यह शुभ अनुष्ठान यहाँ आरम्भ हो जायगा, बलवान् कलियुग अवश्य ही इसमें बहुत बड़ा विघ्न डालेगा॥ ५४॥

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