परीक्षित्! बृहस्पतिजीने मुझे एक आख्यायिका भी सुनायी थी, उसे तुम सुनो। इस आख्यायिकासे श्रीमद्भागवतश्रवणके सम्प्रदायका क्रम भी जाना जा सकता है॥ २०॥
आख्यायिकां च तेनोक्तां विष्णुरात निबोध ताम्।
ज्ञायते सम्प्रदायोऽपि यत्र भागवतश्रुतेः॥ २०
परीक्षित्! बृहस्पतिजीने मुझे एक आख्यायिका भी सुनायी थी, उसे तुम सुनो। इस आख्यायिकासे श्रीमद्भागवतश्रवणके सम्प्रदायका क्रम भी जाना जा सकता है॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.3.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 996) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/3/20/