॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक POST.3.18
अनेकजन्मसंसिद्धः श्रीमद्भागवतं लभेत्।
प्रकाशो भगवद्भक्तेरुद्भवस्तत्र जायते॥ १८
anekajanmasaṃsiddhaḥ śrīmadbhāgavataṃ labhet|
prakāśo bhagavadbhakterudbhavastatra jāyate|| 18
अर्थ
अनेकों जन्मोंतक साधना करते-करते जब मनुष्य पूर्ण सिद्ध हो जाता है, तब उसे श्रीमद्भागवतकी प्राप्ति होती है। भागवतसे भगवान्का प्रकाश मिलता है, जिससे भगवद्भक्ति उत्पन्न होती है॥ १८॥