श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.18

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

उपोद्घातं विष्णुरातश्‍चकाराशु ततस्त्वसौ।

उवाच परमप्रीतस्तावुभौ परिसान्त्वयन्॥ १८

upodghātaṃ viṣṇurātaścakārāśu tatastvasau|

uvāca paramaprītastāvubhau parisāntvayan|| 18

अर्थ

राजा परीक्षित‍्ने वज्रनाभकी बात उन्हें कह सुनायी। इसके बाद महर्षि शाण्डिल्य बड़ी प्रसन्‍नतासे उनको सान्त्वना देते हुए कहने लगे—॥ १८॥

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