श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.69

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

गोकर्ण उवाच

अत्रैव बहवः सन्ति श्रोतारो मम निर्मलाः।

आनीतानि विमानानि न तेषां युगपत्कुतः॥ ६९

atraiva bahavaḥ santi śrotāro mama nirmalāḥ|

ānītāni vimānāni na teṣāṃ yugapatkutaḥ|| 69

अर्थ

गोकर्णने पूछा—भगवान्‌के प्रिय पार्षदो! यहाँ हमारे अनेकों शुद्धहृदय श्रोतागण हैं, उन सबके लिये आपलोग एक साथ बहुत-से विमान क्यों नहीं लाये? हम देखते हैं कि यहाँ सभीने समानरूपसे कथा सुनी है, फिर फलमें इस प्रकारका भेद क्यों हुआ, यह बताइये॥ ६९-७०॥

यह अर्थ श्लोक 69–70 का एक साथ है, जैसा मुद्रित ग्रन्थमें।

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