viśvāse yaḥ sthito mūḍhaḥ sa duḥkhaiḥ paribhūyate|| 14
अर्थ
बुद्धिमान् पुरुषको दुष्टा स्त्रियोंका कभी विश्वास न करना चाहिये। जो मूर्ख इनका विश्वास करता है, उसे दुःखी होना पड़ता है॥ १४॥
स्त्रीणां नैव तु विश्वासं दुष्टानां कारयेद्बुधः।
विश्वासे यः स्थितो मूढः स दुःखैः परिभूयते॥ १४
बुद्धिमान् पुरुषको दुष्टा स्त्रियोंका कभी विश्वास न करना चाहिये। जो मूर्ख इनका विश्वास करता है, उसे दुःखी होना पड़ता है॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 63) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/5/14/