श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.4.61

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

पतिना तत्कृतं सर्वं पुत्ररक्षणहेतवे।

पुत्रस्य धुन्धुकारीति नाम मात्रा प्रतिष्ठितम्॥ ६१

patinā tatkṛtaṃ sarvaṃ putrarakṣaṇahetave|

putrasya dhundhukārīti nāma mātrā pratiṣṭhitam|| 61

अर्थ

तब पुत्रकी रक्षाके लिये आत्मदेवने वैसा ही किया तथा माता धुन्धुलीने उस बालकका नाम धुन्धुकारी रखा॥ ६१॥

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