श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.20

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

एकभागे ऋषिगणास्तदन्यत्र दिवौकसः।

वेदोपनिषदोऽन्यत्र तीर्थान्यत्र स्त्रियोऽन्यतः॥ २०

ekabhāge ṛṣigaṇāstadanyatra divaukasaḥ|

vedopaniṣado'nyatra tīrthānyatra striyo'nyataḥ|| 20

अर्थ

एक ओर ऋषिगण, एक ओर देवता, एक ओर वेद और उपनिषदादि तथा एक ओर तीर्थ बैठे, और दूसरी ओर स्त्रियाँ बैठीं॥ २०॥

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