श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.2.71

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

इदं भागवतं नाम पुराणं ब्रह्मसम्मितम्।

भक्तिज्ञानविरागाणां स्थापनाय प्रकाशितम्॥ ७१

idaṃ bhāgavataṃ nāma purāṇaṃ brahmasammitam|

bhaktijñānavirāgāṇāṃ sthāpanāya prakāśitam|| 71

अर्थ

यह भागवतपुराण वेदोंके समान है। श्रीव्यासदेवने इसे भक्ति, ज्ञान और वैराग्यकी स्थापनाके लिये प्रकाशित किया है॥ ७१॥✎ 1565

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1565 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: श्रीमद्भागवत-पुराण → श्रीमद्भागवतपुराण

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