श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.2.6

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

बद‍्ध्वाञ्जलिं त्वया पृष्टं किं करोमीति चैकदा।

त्वां तदाऽऽज्ञापयत्कृष्णो मद्भक्तान् पोषयेति च॥ ६

baddhvāñjaliṃ tvayā pṛṣṭaṃ kiṃ karomīti caikadā|

tvāṃ tadā''jñāpayatkṛṣṇo madbhaktān poṣayeti ca|| 6

अर्थ

एक बार जब तुमने हाथ जोड़कर पूछा था कि ‘मैं क्या करूँ?’ तब भगवान्‌ने तुम्हें यही आज्ञा दी थी कि ‘मेरे भक्तोंका पोषण करो।’॥ ६॥✎ 9 10

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
  • #9 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की
  • #10 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने

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