श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.4.60

नवम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

ततो निराशो दुर्वासाः पदं भगवतो ययौ।

वैकुण्ठाख्यं यदध्यास्ते श्रीनिवासः श्रिया सह॥ ६०

tato nirāśo durvāsāḥ padaṃ bhagavato yayau|

vaikuṇṭhākhyaṃ yadadhyāste śrīnivāsaḥ śriyā saha|| 60

अर्थ

वहाँसे भी निराश होकर दुर्वासा भगवान्‌के परमधाम वैकुण्ठमें गये। लक्ष्मीपति भगवान् लक्ष्मीके साथ वहीं निवास करते हैं॥ ६०॥

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