श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.35

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

इति तस्यां स आधाय गर्भं सूर्यो दिवं गतः।

सद्यः कुमारः संजज्ञे द्वितीय इव भास्करः॥ ३५

iti tasyāṃ sa ādhāya garbhaṃ sūryo divaṃ gataḥ|

sadyaḥ kumāraḥ saṃjajñe dvitīya iva bhāskaraḥ|| 35

अर्थ

यह कहकर भगवान् सूर्यने गर्भ स्थापित कर दिया और इसके बाद वे स्वर्ग चले गये। उसी समय उससे एक बड़ा सुन्दर एवं तेजस्वी शिशु उत्पन्‍न हुआ। वह देखनेमें दूसरे सूर्यके समान जान पड़ता था॥ ३५॥

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