श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.27

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

देवबाहुः शतधनुः कृतवर्मेति तत्सुताः।

देवमीढस्य शूरस्य मारिषा नाम पत्‍न्यभूत्॥ २७

devabāhuḥ śatadhanuḥ kṛtavarmeti tatsutāḥ|

devamīḍhasya śūrasya māriṣā nāma patnyabhūt|| 27

अर्थ

हृदीकसे तीन पुत्र हुए—देवबाहु, शतधन्वा और कृतवर्मा। देवमीढके पुत्र शूरकी पत्‍नीका नाम था मारिषा॥ २७॥

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