श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.13

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

सत्राजितः प्रसेनश्‍च निम्‍नस्याप्यासतुः सुतौ।

अनमित्रसुतो योऽन्यः शिनिस्तस्याथ सत्यकः॥ १३

satrājitaḥ prasenaśca nimnasyāpyāsatuḥ sutau|

anamitrasuto yo'nyaḥ śinistasyātha satyakaḥ|| 13

अर्थ

सत्राजित् और प्रसेन नामसे प्रसिद्ध यदुवंशी निम्‍नके ही पुत्र थे। अनमित्रका एक और पुत्र था, जिसका नाम था शिनि। शिनिसे ही सत्यकका जन्म हुआ॥ १३॥

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