श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! राजा विदर्भकी भोज्या नामक पत्नीसे तीन पुत्र हुए—कुश, क्रथ और रोमपाद। रोमपाद विदर्भवंशमें बहुत ही श्रेष्ठ पुरुष हुए॥ १॥
तस्यां विदर्भोऽजनयत् पुत्रौ नाम्ना कुशक्रथौ।
तृतीयं रोमपादं च विदर्भकुलनन्दनम्॥ १
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! राजा विदर्भकी भोज्या नामक पत्नीसे तीन पुत्र हुए—कुश, क्रथ और रोमपाद। रोमपाद विदर्भवंशमें बहुत ही श्रेष्ठ पुरुष हुए॥ १॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.24.1 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 112) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/24/1/