श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.23.24

नवम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

अर्जुनः कृतवीर्यस्य सप्तद्वीपेश्‍वरोऽभवत्।

दत्तात्रेयाद्धरेरंशात् प्राप्तयोगमहागुणः॥ २४

arjunaḥ kṛtavīryasya saptadvīpeśvaro'bhavat|

dattātreyāddhareraṃśāt prāptayogamahāguṇaḥ|| 24

अर्थ

कृतवीर्यका पुत्र अर्जुन था। वह सातों द्वीपका एकछत्र सम्राट् था। उसने भगवान्‌के अंशावतार श्रीदत्तात्रेयजीसे योगविद्या और अणिमा-लघिमा आदि बड़ी-बड़ी सिद्धियाँ प्राप्त की थीं॥ २४॥

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