श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.23.18

नवम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

दुष्यन्तः स पुनर्भेजे स्वं वंशं राज्यकामुकः।

ययातेर्ज्येष्ठपुत्रस्य यदोर्वंशं नरर्षभ॥ १८

duṣyantaḥ sa punarbheje svaṃ vaṃśaṃ rājyakāmukaḥ|

yayāterjyeṣṭhaputrasya yadorvaṃśaṃ nararṣabha|| 18

अर्थ

परन्तु दुष्यन्त राज्यकी कामनासे अपने ही वंशमें लौट गये। परीक्षित्! अब मैं राजा ययातिके बड़े पुत्र यदुके वंशका वर्णन करता हूँ॥ १८॥

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