श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.22.39

नवम स्कन्ध · अध्याय 22 · अथ द्वाविंशोऽध्यायः

सहस्रानीकस्तत्पुत्रस्ततश्‍चैवाश्‍वमेधजः ।

असीमकृष्णस्तस्यापि नेमिचक्रस्तु तत्सुतः॥ ३९

sahasrānīkastatputrastataścaivāśvamedhajaḥ |

asīmakṛṣṇastasyāpi nemicakrastu tatsutaḥ|| 39

अर्थ

शतानीकका सहस्रानीक, सहस्रानीकका अश्‍वमेधज, अश्‍वमेधजका असीमकृष्ण और असीम-कृष्णका पुत्र होगा नेमिचक्र॥ ३९॥

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