dhṛtarāṣṭraṃ ca pāṇḍuṃ ca viduraṃ cāpyajījanat|| 25
अर्थ
माता सत्यवतीके कहनेसे भगवान् व्यासजीने अपने सन्तानहीन भाईकी स्त्रियोंसे धृतराष्ट्र और पाण्डु दो पुत्र उत्पन्न किये। उनकी दासीसे तीसरे पुत्र विदुरजी हुए॥ २५॥
क्षेत्रेऽप्रजस्य वै भ्रातुर्मात्रोक्तो बादरायणः।
धृतराष्ट्रं च पाण्डुं च विदुरं चाप्यजीजनत्॥ २५
माता सत्यवतीके कहनेसे भगवान् व्यासजीने अपने सन्तानहीन भाईकी स्त्रियोंसे धृतराष्ट्र और पाण्डु दो पुत्र उत्पन्न किये। उनकी दासीसे तीसरे पुत्र विदुरजी हुए॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.22.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 106) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/22/25/