श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.2.5

नवम स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

एकां जग्राह बलवान् सा चुक्रोश भयातुरा।

तस्यास्तत् क्रन्दितं श्रुत्वा पृषध्रोऽभिससार ह॥ ५

ekāṃ jagrāha balavān sā cukrośa bhayāturā|

tasyāstat kranditaṃ śrutvā pṛṣadhro'bhisasāra ha|| 5

अर्थ

बलवान् बाघने एक गायको पकड़ लिया। वह अत्यन्त भयभीत होकर चिल्लाने लगी। उसका वह क्रन्दन सुनकर पृषध्र गायके पास दौड़ आया॥ ५॥

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