श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.15.2

नवम स्कन्ध · अध्याय 15 · अथ पञ्चदशोऽध्यायः

श्रुतायोर्वसुमान् पुत्रः सत्यायोश्‍च श्रुतंजयः।

रयस्य सुत एकश्‍च जयस्य तनयोऽमितः॥ २

śrutāyorvasumān putraḥ satyāyośca śrutaṃjayaḥ|

rayasya suta ekaśca jayasya tanayo'mitaḥ|| 2

अर्थ

श्रुतायुका पुत्र था वसुमान्, सत्यायुका श्रुतंजय, रयका एक और जयका अमित॥ २॥

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