श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.15.13

नवम स्कन्ध · अध्याय 15 · अथ पञ्चदशोऽध्यायः

तस्यां वै भार्गवऋषेः सुता वसुमदादयः।

यवीयांजज्ञ एतेषां राम इत्यभिविश्रुतः॥ १३

tasyāṃ vai bhārgavaṛṣeḥ sutā vasumadādayaḥ|

yavīyāṃjajña eteṣāṃ rāma ityabhiviśrutaḥ|| 13

अर्थ

रेणुकाके गर्भसे जमदग्‍नि ऋषिके वसुमान् आदि कई पुत्र हुए। उनमें सबसे छोटे परशुरामजी थे। उनका यश सारे संसारमें प्रसिद्ध है॥ १३॥✎ 879

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #879 शब्दोंके बीचका स्थान: कियाथा—फिर → किया था—फिर

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