श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.13.16

नवम स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

मरोः प्र२तीपकस्तस्माज्जातः कृतिरथो यतः।

देवमीढस्तस्य सुतो विश्रुतोऽथ३ महाधृतिः॥ १६

maroḥ pratīpakastasmājjātaḥ kṛtiratho yataḥ|

devamīḍhastasya suto viśruto'tha mahādhṛtiḥ|| 16

अर्थ

मरुसे प्रतीपक, प्रतीपकसे कृतिरथ, कृतिरथसे देवमीढ, देवमीढसे विश्रुत और विश्रुतसे महाधृतिका जन्म हुआ॥ १६॥✎ 1641

टिप्पणियाँ

  1. २

    प्रतिरथस्त०।

    (मुद्रित पृष्ठ 68)
  2. ३

    विश्‍वनाथो मरुत्कृतिः।

    (मुद्रित पृष्ठ 68)
इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1641 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: केशि-ध्वज → केशिध्वज

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