श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.12.10

नवम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

उरुक्रियस्ततस्तस्य वत्सवृद्धो भविष्यति।

प्रतिव्योमस्ततो भानुर्दिवाको वाहिनीपतिः॥ १०

urukriyastatastasya vatsavṛddho bhaviṣyati|

prativyomastato bhānurdivāko vāhinīpatiḥ|| 10

अर्थ

बृहद्रणका उरुक्रिय, उसका वत्सवृद्ध, वत्सवृद्धका प्रतिव्योम, प्रतिव्योमका भानु और भानुका पुत्र होगा सेनापति दिवाक॥ १०॥

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