श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.11.36

नवम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

बुभुजे च यथाकालं कामान् धर्ममपीडयन्।

वर्षपूगान् बहून् नॄणामभिध्याताङ्‌घ्रिपल्लवः॥ ३६

bubhuje ca yathākālaṃ kāmān dharmamapīḍayan|

varṣapūgān bahūn nṝṇāmabhidhyātāṅghripallavaḥ|| 36

अर्थ

सभी स्त्री-पुरुष जिनके चरणकमलोंका ध्यान करते रहते हैं, वे ही भगवान् श्रीराम बहुत वर्षोंतक धर्मकी मर्यादाका पालन करते हुए समयानुसार भोगोंका उपभोग करते रहे॥ ३६॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां नवमस्कन्धे
श्रीरामोपाख्याने एकादशोऽध्यायः॥ ११॥

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